कितना अलग है जापान का मून स्नाइपर मिशन ?

1. 28 अगस्त को लॉन्चिंग- रूस और भारत के बाद अब जापान अपना मून मिशन लॉन्च करने की तैयारी कर चुका है जापान 28 अगस्त को अपना अभियान मून पर लांच करेगा.

2. क्यों हुआ था कैंसिल- जापान 26 अगस्त को मून मिशन लॉन्च करने की तैयारी में था लेकिन मौसम में खराबी के कारण तारीख आगे बढ़ाई गई

3. कैसा है मिशन- जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के मुताबिक उनका लेंडर 4 से 6 महीने में चांद पर उतरेगा इसके साथ एक्सरे इमेजिंग सेटेलाइट भी जाएगा

4. मिशन की खासियत- इस मून मिशन का अहम हिस्सा है स्मार्ट लैंड फॉर इन्वेस्टिगेटिंग मून 2.4 फुट ऊंचे और 2.7 मीटर चौड़े लैंडर का वजन 700 किलो है.

5. क्या है मकसद- जापानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मिशन का मकसद यह जानना है कि चांद की उत्पत्ति आखिर कैसे हुई इसका विकास कैसे हुआ यह जानने के लिए यह है मकसद

6. हथेली के बराबर रोवर- जापान के मून मिशन कार और हथेली के आकार का है यह आकार बदलने में माहिर है और चांद के पदों की पड़ताल करने निर्माण की प्रक्रिया बताएगा

7. पिछला मिशन था फेल- जापान ने 2022 में मून मिशन लॉन्च किया था जो सफल नहीं हो पाया ओमोटेनाशी नाम के उस लोनार रूप से वैज्ञानिकों का सर्वर टूट गया था

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